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वाराणसी :- गेस्टहाउस में चल रहा था देहव्यापार का गोरखधंधा, पुलिस ने मारा छापा, दो महिला समेत छह अरोपी गिरफ्तार

 वाराणसी :- गेस्टहाउस में चल रहा था देहव्यापार का गोरखधंधा, पुलिस ने मारा छापा, दो महिला समेत छह अरोपी गिरफ्तार  मोहम्मद रिजवान वाराणसी सिगरा थाना अंतर्गत इंग्लिशिया लाइन स्थित ग्लोबल पेइंग गेस्ट हाउस में चल रहे देह व्यापार का पुलिस ने बुधवार रात छापामार कर भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद किया है। गेस्ट हाउस से मेघालय निवासी दो महिला, गेस्ट हाउस मैनेजर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।  डीसीपी वरुणा आदित्य लांग्हे को सूचना मिली कि इंग्लिशिया लाइन स्थित ग्लोबल पेइंग गेस्ट हाउस में अनैतिक देह व्यापार चल रहा है। इस पर एसीपी चेतगंज के नेतृत्व में सिगरा इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, महिला थाना प्रभारी सुमित्रा देवी, शिवपुर थाने के क्राइम इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार सिंह, मंडुआडीह थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने फोर्स के साथ ग्लोबल पेइंग गेस्ट हाउस में छापा मारा।  पुलिस को इस दौरान दो कमरों के अंदर से दो महिला और दो पुरुष ग्राहक मिले। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। गेस्ट हाउस के कमरों से आपत्तिजनक हाल में मिली मेघालय ...

Valentine's Day: बनारस में मौजूद है बाबा अशिक माशूक की मजार, मन्नत मांगने आते हैं प्रेमी जोड़े

 Valentine's Day: बनारस में मौजूद है बाबा अशिक माशूक की मजार, मन्नत मांगने आते हैं प्रेमी जोड़े मोहम्मद रिज़वान ईरान से आए आशिक ने अपनी माशूक के लिए जान दे दी थी. आशिक के मरने पर माशूक ने भी गंगा में कूदकर जान दे दी. आज दोनों की एक साथ मौजूद मजार प्रेमी जोड़ों के लिए मन्नतें पूरी करने का पवित्र स्थान बन चुका है. आज लोग इसे 'बाबा आशिक माशूक' की मजार के नाम से जानते हैं और अपने मोहब्बत के लिए अकीदत करते हैं. वाराणसी: आज के युवा वैलेंटाइन डे को प्यार के पर्व के रूप में मनाते हैं. ज्यादातर युवाओं को 14 फरवरी का इंतजार रहता है, लेकिन इन सबसे परे बनारस में सैकड़ों साल पहले लिखी गई एक प्यार की दास्तां आज भी प्यार के परवानों के लिए नजीर है. यह कहानी सिर्फ किताबों में ही नहीं बल्कि आज भी असल जिंदगी में प्यार करने वालों को अपनी तरफ आकर्षित करती है. इस कहानी में एक आशिक और एक माशूक ने प्यार की खातिर अपनी जान दे दी और आज दोनों की एक साथ मौजूद मजार प्रेमी जोड़ों के लिए मन्नतें पूरी करने का पवित्र स्थान बन चुका है. कई किताबों में है जिक्र सिगरा इलाके के सिद्धगिरीबाग के औरंगाबाद मोहल्ले मे...

सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात

 सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात मोहम्मद रिज़वान  अजमेर राजस्थान के अजमेर में चल रहे दुनिया के मशहूर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह,( सरकार गरीब नवाज) के दर पर सारी कायनात झुकती है। ख्वाजा का उर्स इन दिनों अजमेर के साथ ही समूची दुनिया में मनाया जा रहा है। जो अजमेर नहीं जा सके हैं वो जहां हैं वहीं उर्स का आयोजन कर रहें हैं। राजस्थान ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी ख्वाजा को लोग याद कर रहे हैं। आज ख्वाजा का कुल शरीफ़ अजमेर में 810 वें सालाना उर्स में मंगलवार को कुल की छठी का आयोजन किया । अकीदतमंद कुल को देखते हुए काल रात से ही दरगाह परिसर के बाहर की दीवारों को गुलाबजल, ईत्र और केवड़े से धोकर कुल के छीटें लगाने शुरू कर दिए कोरोना नियमों में सरकार की ओर से शीथिलता के बाद दरगाह परिसर चौबीस घंटे जायरीनों से आबाद है और उर्स की रौनक न केवल दरगाह क्षेत्र में बल्कि दरगाह के चारों तरफ फैली हुई है। आज रात को दरगाह दीवान और ख्वाजा साहब के सज्जादानशीन सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान की सदारत में दरगाह परिसर के महफिलखाने में उर्स की छठी व अंतिम शाही महफिल होगी...

सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात

  सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात मोहम्मद रिज़वान नई दिल्ली : अजमेर राजस्थान के अजमेर में चल रहे दुनिया के मशहूर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह,( सरकार गरीब नवाज) के दर पर सारी कायनात झुकती है। ख्वाजा का उर्स इन दिनों अजमेर के साथ ही समूची दुनिया में मनाया जा रहा है। जो अजमेर नहीं जा सके हैं वो जहां हैं वहीं उर्स का आयोजन कर रहें हैं। राजस्थान ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी ख्वाजा को लोग याद कर रहे हैं। आज ख्वाजा का कुल शरीफ़ अजमेर में 810 वें सालाना उर्स में मंगलवार को कुल की छठी का आयोजन किया । अकीदतमंद कुल को देखते हुए काल रात से ही दरगाह परिसर के बाहर की दीवारों को गुलाबजल, ईत्र और केवड़े से धोकर कुल के छीटें लगाने शुरू कर दिए कोरोना नियमों में सरकार की ओर से शीथिलता के बाद दरगाह परिसर चौबीस घंटे जायरीनों से आबाद है और उर्स की रौनक न केवल दरगाह क्षेत्र में बल्कि दरगाह के चारों तरफ फैली हुई है। आज रात को दरगाह दीवान और ख्वाजा साहब के सज्जादानशीन सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान की सदारत में दरगाह परिसर के महफिलखाने में उर्स की छठी व अंतिम शाही महफिल...

रोज़ डे के साथ शुरु हुआ वेलेन्टाईन वीक, आइये जाने कब है कौन सा डे, क्या है तैयारियां

 रोज़ डे के साथ शुरु हुआ वेलेन्टाईन वीक, आइये जाने कब है कौन सा डे, क्या है तैयारियां मोहम्मद रिज़वान वाराणसी:- इंतेज़ार की घड़ी जल्द खत्म होने वाली है। 7 फरवरी से वैलेंटाइन वीक का आगाज़ हो गया। प्यार के पक्षी अभी से ही अपने युवा साथियों के साथ उड़ान भरते दिखाई दे रहे हैं। कोरोना काल के बाद इस बार इस पर्व को लेकर लोगों में खास उत्साह रहने की उम्मीद है। कोई प्रेमी के लिए गिफ्ट खरीद रहा है तो कोई किमती चाकलेट। प्रेमी प्रेमिकाओं का उत्‍सव जो आने वाला है। वेलेन्टाईन डे का क्रेज विदेशों से ज्यादा अब भारतीय लोगों में भी दिखाई देता है। दरअसल सात फरवरी को रोज डे, आठ फरवरी को प्रपोज डे, नौ फरवरी को चॉकलेट डे, दस को टेडी डे, ग्यारह फरवरी को प्रॉमिस डे, बारह फरवरी को किस डे, तेरह फरवरी को हग डे और चौदह फरवरी को वैलेंटाइन डे देश दुनिया में मनाया जाएगा।  14 फरवरी वैलेंटाइन डे का वो खास दिन होता है, जिस दिन आशिक और माशुक अपने प्यार का इजहार करते है। प्यार और मोहब्बत के इस खास दिन को देखते हुए दुनिया भर का बड़ा छोटा बाजार भी इसे भूनाने में लगा जाता है। तरह तरह के गिफ्ट आइटम प्यार के जोड़ो को केन्द्र...

अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 810वां उर्स, पीएम मोदी ने भिजवाई चादर

 अजमेर शरीफ में ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती का 810वां उर्स, पीएम मोदी ने भिजवाई चादर .ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 810वें उर्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  चादर भेंट की है. इसकी जानाकारी पीएम मोदी ने खुद ट्वीट करके दी है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, 'मैंने चादर भेंट की है, जिसे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के 810वें उर्स पर अजमेर शरीफ दरगाह पर चढ़ाया जाएगा.' इस तस्वीर में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भी नजर आ रहे हैं. पीएम मोदी नकवी को चादर सौंपते नजर आ रहे हैं. बता दें कि पीएम मोदी ने पिछले साल भी अजमेर शरीफ दरगाह  पर चढ़ाने के लिए चादर भिजवाई थी. तब भी मुख्तार अब्बास नकवी ही चादर लेकर चढ़ाने के लिए अजमेर गए थे. खोला गया जन्नती दरवाजा मशहूर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की अजमेर दरगाह पर 810वें सालाना उर्स के मौके पर बुधवार को जायरीनों के लिए जन्नती दरवाजा खोल दिया गया है. काफी संख्या में भक्त दरवाजे से होते हुए ख्वाजा की दरगाह पर जियारत के लिए पहुंचे. यह दरवाजा साल में सिर्फ 6 दिनों के लिए खुलता है. इसका काफी महत्व बताया गया है और इसी वजह स...

कहते हैं, इस दरवाजे से जो भी जाता है मिल जाती है जन्नत, 2 फरवरी के बाद मिलेगा ये मौका

 कहते हैं, इस दरवाजे से जो भी जाता है मिल जाती है जन्नत, 2 फरवरी के बाद मिलेगा ये मौका अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में एक ऐसा दरवाजा है जो साल में केवल चार बार ही खुलता है. ऐसा माना जाता है कि इस दरवाजे से होकर जाने और इबादत करने वालों को जन्नत नसीब होती है. वैसे तो ये दरवाजा वर्ष में केवल 4 बार खुलता है पर उर्स में ये 6 बार खुलता है. अजमेर में गरीब नवाज की दरगाह पर उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 2 या 3 फरवरी से इसकी शुरूआत हो जाएगी. इसका समापन बड़े कुल की रस्म के साथ होगा. चांद रात को अल सुबह 4 बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। हालांकि ये जन्नती दरवाज वर्ष में केवल चार बार ईद उल फितर,बकरा ईद और हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स पर 1-1 दिन के लिए खोला जाता है. जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है। इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है. कहते हैं ख्वाजा गरीब नवाज इबादत के लिए इसी रास्ते को काम में लेते थे. ख्वाजा साहब को अल्लाह ने यह कहा कि जो लोग मक्का मदीना की जियारत नहीं कर पाने वालों के लिए य...