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Showing posts from October, 2020

बारावफात पर दुल्हन की तरह सजा नई सड़क, नातिया कलाम से गूंजी फ़िज़ा

 बारावफात पर दुल्हन की तरह सजा नई सड़क, नातिया कलाम से गूंजी फ़िज़ा  मोहम्मद रिज़वान/सरफ़राज़ अहमद वाराणसी। पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्मदिन आज पूरे मुल्क में कौमी एकता के साथ मनाया जा रहा है।  पैगंबर साहब की यौमे पैदाइश पर सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी को शुभकामनाएं दी तो उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी बारावफात की धूम देखने को मिली। रबीलअव्वल माह की 11 तारीख़ की रात भर पैगम्बर साहब के जन्म का जश्न मनाया गया। मुस्लिम बाहुल इलाकों नई सड़क, दालमंडी, मदनपुरा, शिवाला, दोषीपुरा, कोयला बाज़ार, सरैया, बजरडीहा, लोहता, हाड़हासराय, भुलेटन, बेनियाबाग, काशीपुरा, लल्लापुरा, औरंगाबाद, कालीमहाल, पितरकुंडा आदि इलाकों को दुल्हन की तरह विद्युत झालरों से सजाया गया है। देर रात अंजुमनों ने जगह-जगह बने स्टेज पर पैगम्बर साहब की शान में नातिया कलाम पेश किये कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिग, मास्क और सेनेटाइजर का ख़ास ख्याल रखा जा रहा है। कोरोना काल में बारावफात का रेवड़ी तालाब से उठने वाला जुलूस ए मोहम्मदी स्थगित रहा। शहर काजी मौलाना गुलाम यासीन की सदारत में रेवड़ी तालाब मैदान में मुल्क से कोरोना...

ईद मिलादुन्नबी "बारावफात" पर रोशन हुआ बनारस

ईद मिलादुन्नबी "बारावफात" पर रोशन हुआ बनारस मोहम्मद रिज़वान वाराणसी: पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश बारावफात की पूर्व संध्या को शहर में कई स्थानों पर जलसे हुए। गरीब नवाज सहित कई अंजुमनों का नातिया मुकाबला चला। वहीं मुस्लिम इलाकों में विद्युत झालरों व इस्लामिक झंडे से आकर्षक सजावट की गई।  आमद-ए-रसूल के इस्तकबाल में शहर के मुस्लिम इलाके रोशनी से नहाए रहे। विद्युत झालरों से सजावट की गई। रेवड़ी तलाब मार्ग पर झूमर आदि लगाकर मोहक सजावट की गई। नई सड़क स्थित लंगड़े हाफिज मंस्जिद, शेख सलीम फाटक, हड़हासराय, बेनिया, मदनपुरा, दोषीपुरा, अर्दलीबाजार, पीलीकोठी, कच्चीबाग, बड़ी बाजार, जलालीपुरा, कोनिया आदि इलाकों में सजावट की गई है। इबादतगाहों को भी सजाया गया।

दो महीना आठ दिन गम के मोहर्रम ) मनाने के बाद शिया समुदाय ने मंगलवार को शाम ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी।

 दो महीना आठ दिन गम के मोहर्रम ) मनाने के बाद शिया समुदाय ने मंगलवार को  शाम ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी।  वाराणसी। शिया समुदाय ने मंगलवार की शाम ईद ए ज़हरा और इमाम ज़माना के ताजपोशी में ख़ुशियां मनाईं। दो महीना आठ दिन गम (मोहर्रम ) मनाने के बाद समुदाय के लोगों ने अपने घरों में लजीज पकवान बनाए और एक दूसरे को ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी।  शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि आज ही के दिन इमाम हुसैन का कातिल मारा गया था। उसके मारे जाने के बाद इमाम हुसैन का कुनबा पहली बार कर्बला में हुए जुल्म के बाद मुस्कुराया। इसके अलावा इमाम जमाना की आज ही के दिन ताजपोशी की गई थी। एक साथ तीन खुशियां हैं।

बरेली दरगाह प्रमुख के काफिले के साथ 25 गाड़ियों में चलेंगे उलेमा, बाइक भी होगी शामिल, जुलूस-ए-मोहम्मदी कि मिली अनुमति

 बरेली दरगाह प्रमुख के काफिले के साथ  25 गाड़ियों में चलेंगे उलेमा, बाइक भी होगी शामिल, जुलूस-ए-मोहम्मदी कि मिली अनुमति बरेली: हुजूर के यौमे पैदाइश पर निकलने वाले जुलूस को प्रशासन ने कोविड गाइड लाइन के तहत निकालने की इजाजत दे दी है। 29 को पुराने शहर में सादगी के साथ और 30 अक्टूबर को कोहाड़ापीर से जुलूस की रस्म अदा की जाएगी। इस बार जुलूस पैदल नहीं बल्कि कार, मोटरसाइकिल से निकलेगा परचम कुशाई की रस्म अदायगी दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां करेंगे। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने जुलूस को लेकर फैसला लिया है । दरगाह आला हजरत से जुड़े नासिर कुरैशी ने बताया कि सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागर में आयोजित बैठक को अध्यक्षता जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने की और एसएसपी रोहित सिंह सजवान सहित बाकी अधिकारी मौजूद रहे।

Covid 19 के पालन के साथ मोहर्रम और शहीदाने कर्बला कि याद में रवायतों में मशहूर अमारी का जुलूस नहीं उठेगा

 Covid 19 के पालन के साथ मोहर्रम और शहीदाने कर्बला कि याद में रवायतों में मशहूर अमारी का जुलूस नहीं उठेगा मोहम्मद रिज़वान वाराणसी। मोहर्रम की रवायतों में मशहूर अमारी का जुलूस नहीं उठेगा,फातमान में ज़ियारत शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि 8 रबीउल अव्वल को शहर का मशहूर अमारी का जुलूस कोरोना के चलते नहीं उठाया जाएगा। जिसको लेकर समुदाय में काफी मायूसी है । इस जुलूस की ज़ियारत के लिए देश भर से लोग आते हैं । अमारी का जुलूस सड़कों पर नहीं निकलेगा । अमारी की फातमान में ज़ियारत होगी । उन्होंने बताया कि समुदाय ने अय्याम कि आखिरी रात में शहर के कई हिस्सों में या हुसैन अलविदा की सदा बुलंद की। समुदाय के 11 वें इमाम, इमाम हसन अस्करी की शहादत को याद किया गया । शब्बीर ओ सफदर के पुरानी अदालत स्थित अज़ाखाने पर मजलिस हुई। जिसमें मौलाना अब्बास इरशाद नक़वी ने तक़रीर पेश की ।

धूमधाम, सादगी एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बारावफात

 धूमधाम, सादगी एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बारावफात कोरोना महामारी के दृष्टिगत जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा जो लोग बेनियाबाग जाते थे, इस बार वह कार्यक्रम नहीं होगा वाराणसी/जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बारावफात पर्व को लेकर रविवार को कैंप कार्यालय पर महत्वपूर्ण बैठक संबंधित संस्थाओं के साथ की।  धूम-धाम से मनाया जायेगा बारावफात । बैठक में संस्था के प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए यह तय किया गया कि अंजुमनों को नमाज पढने तथा दुआखानी करने के लिए अनुमति दी जायेगी। किसी भी मुहल्ले में अंजुमन कार्यक्रम करती है तो उसे थाने से परमिशन लेना होगा। इस तरह के कार्यक्रम कें लिए अधिकतम 200 लोगों की अनुमति होगी तथा सभी कार्य क्रम बन्द जगह पर या कवर/टेंट लगाकर ही किया जायेगा। जो भी कार्यक्रम पहले खुले में होता था वह भी टेंट लगाकर ही होगा। बैठक में टेंट की साईज की निर्धारण भी सबकी सहमति से प्रशासन द्वारा किया गया है। इसके लिए तीन चांदनी की टेंट लगाने की परमिशन संबंधित मजिस्ट्रेट द्वारा दी जायेगी। इसलिए सभी आयोजकों को आवेदन में टेंट की संख्या भी देनी होगी। मस्जिदों में भी 29 की रात एवं 30 को द...

DM ने दिया नवरात्रि का तोहफा, पूर्व की भांति खुलेंगी अब दुकानें…

 DM ने दिया नवरात्रि का तोहफा, पूर्व की भांति खुलेंगी अब दुकानें… मोहम्मद रिज़वान वाराणसी, नवरात्रि से पहले जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने जनपद के व्यापारियों को तोहफा दिया है। उन्होंने सभी प्रतिबंधों को खत्म करते हुए कहा है कि रविवार दिनांक 18-10-2020 से जनपद की सभी दुकानें, माल्स, रेस्टोरेंट, मल्टीप्लेक्स, सिनेमहाल, होटल्स, जिम आदि पूरी तरह से खुलेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण दुकानें व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान के खोलने पर पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध लगाया गया था अब वे नवरात्रि के प्रथम दिवस, रविवार दिनांक से कोरोना की बीमारी से पहले जिस प्रकार खुलती थीं उसी की भांति संचालित की जा सकेंगी।

इमाम बारगाह मीर रज्जी नई सड़क स्थित अय्याम ए अज़ा की आखिरी अज़ाखानों में गूंजी या हुसैन अलविदा की सदायें

इमाम बारगाह मीर रज्जी नई सड़क स्थित  अय्याम ए अज़ा की आखिरी अज़ाखानों में गूंजी या हुसैन अलविदा की सदायें मोहम्मद रिज़वान वाराणसी में इमाम बारगाह मीर रज्जी नई सड़क स्थित हर साल की तरह भी ज़नानी मजलिस का आयोजन किया गया मजलिस का आग़ाज़ मोहतरमा बिनते ज़हरा ने हदीसे किसा से किया और अहलिया कर्रार रज़ा ने मौला हुसैन अ०स० की चार साला बेटी का मसायब सलाम में पेश किया मोहतरमा शोहरत फातमा पित्तर कुंडा ने सोज़खानी किया मोहतरमा शगुफ्ता फातमा ने मजलिस को खेताब किया मजलिस में नौहाखानी शिराज़ फातमी,शिखा फातमा,सोनी कुछ इस तरह किया । *उजड़ा_हुआ_हुसैन_का_कुनबा _लिए_ हुए*  *जैनब_मदीना_आई_हैं_क्या_क्या_लिए हुए*