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Showing posts from December, 2021

पहाडो पर बर्फबारी पूर्वांचल में बारिश, गलन बढ़ने की संभावना, हो सकती है वाराणसी में और बारिश

  पहाडो पर बर्फबारी पूर्वांचल में बारिश, गलन बढ़ने की संभावना, हो सकती है वाराणसी में और बारिश वाराणसी:- पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से वाराणसी समेत आसपास के जिलों के मौसम का मिजाज बदल गया। मंगलवार की सुबह हल्के कोहरे के बाद धूप निकली। जिसके बाद बादलों की आवाजाही शुरू हो गई। वहीं दोपहर में बरसात से पूर्वांचल के कई जिलों सेमत बिहार और मध्य प्रदेश का भी मौसम बदल गया। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बनारस में अभी और बारिश और गलन बढ़ने की संभावना है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।।पिछले कुछ दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हुई लेकिन मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते में पारा गिरेगा। जिसकी वजह से ठंड भी बढ़ने वाली है। दूसरी तरफ प्रदूषण के स्तर में भी बहुत सुधार नहीं है और इस हफ्ते भी आज के आसपास ही एक्यूआई रहने का अनुमान है।  मंगलवार सुबह वाराणसी के ग्रामीण इलाकों में कोहरा नजर आया। इधर, शाम को गलन और ठिठुरन ने लोगों को अलाव जलाने को मजबूर कर दिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्र...

वाराणसी : शीतलहर से बचाव के लिए वाराणसी प्रशासन अलर्ट, आपात स्थिति में मदद के लिए जारी किया मोबाइल नंबर

 वाराणसी : शीतलहर से बचाव के लिए वाराणसी प्रशासन अलर्ट, आपात स्थिति में मदद के लिए जारी किया मोबाइल नंबर मोहम्मद रिज़वान वाराणसी। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार ने शीतलहर से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें के संबंध में विस्तार से बताया कि स्थानीय रेडियो, दैनिक समाचार पत्र, टीवी एवं मोबाइल फोन के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें। कोयले की अंगीठी-मिट्टी तेल का चूल्हा-हीटर इत्यादि का प्रयोग करते समय सावधानी बरते और कमरे में शुद्ध हवा का आवागमन-वेंटिलेशन, वायु-संचार बनाये रखें ताकी कमरे में जहरीला धुआँ इकट्ठा न हो। उन्होंने बताया कि शरीर को सूखा रखें, गीले कपड़े तुरन्त बदल लें, ये आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। घर में अलाव के सामान न हो तो अत्यधिक ठंड के दिनों में सामुदायिक केन्द्रों/स्थलों पर जाएं, जहां प्रशासन द्वारा अलाव का प्रबन्ध किया गया हो। कई स्तरों वाले गर्म कपड़े जैसे-ऊनी कपड़े, स्वेटर, टोपी, मफलर इत्यादि का प्रयोग आपको शीतदंश से बचा सकते है। इन बातों का रखें ध्यान- अत्यधिक ठण्ड-कोहरा पड़ने पर छोटे बच्चों और बुजुर्गो को जितना हो सके घर के अंदर रखें।...