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बगैर परीक्षा दिए तीन लाख छात्र हुए अगली कक्षा में प्रमोट,काशी विद्यापीठ प्रशासन ने जारी किया आदेश

 बगैर परीक्षा दिए तीन लाख छात्र हुए अगली कक्षा में प्रमोट,काशी विद्यापीठ प्रशासन ने जारी किया आदेश








संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने भी स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को प्रोन्नत कर दिया है। वार्षिक परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्रों को ही विश्वविद्यालय प्रोन्नति देगा और अनुत्तीर्ण छात्रों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध पांच जिलों के तीन लाख छात्रों को प्रोन्नति का लाभ मिलेगा।



इसमें वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही के महाविद्यालय भी शामिल हैं। कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से 18 मार्च के पहले हुई परीक्षाओं के अंक के आधार पर छात्रों को प्रोन्नति दी जाएगी। कापियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रथम वर्ष के छात्र जो प्रोन्नत किए गए हैं उनको द्वितीय वर्ष की परीक्षा के सभी विषयों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। प्राप्तांकों के औसत के आधार पर ही जिन विषयों में परीक्षा नहीं हुई है उनको प्रथम वर्ष में अंक प्रदान किए जाएंगे।

यदि कोई छात्र 2021 की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो वह 2022 की परीक्षा में फिर से शामिल होगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई छात्र 2021 के परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वे छात्र बैक पेपर की परीक्षा में शामिल होकर अंकों में सुधार कर सकते हैं।

इनको मिलेगा लाभ

बीए, बीकॉम, बीएससी, बीम्यूज, बीए आनर्स मास कम्युनिकेशन के प्रथम एवं द्वितीय खण्ड तथा बीएससी कृषि द्वितीय एवं तृतीय खंड, बीएफए प्रथम, द्वितीय व तृतीय।

एलएलबी, बीसीए, बीबीए, बीएससी हैण्डलूम साइंस, द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर तथा बीएड, बीपीएड द्वितीय सेमेस्टर।

पीजी स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों के द्वितीय सेमेस्टर तथा एमसीए द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर शामिल है।

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