Skip to main content

यूपी में मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी के इन जिलों में होगी भारी बारिश ओर ठंड पड़ेगी

 यूपी में मौसम विभाग की चेतावनी, यूपी के इन जिलों में होगी भारी बारिश  ओर ठंड पड़ेगी




सरफ़राज़ अहमद


उत्तर प्रदेश का मौसम अपना मिजाज बदल रहा है।मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका जताई है।पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है।मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार  प्रदेश के अधिकतर जिलों में अगले चार दिनों में पारा और लुढ़क सकता है। इससे कड़ाके की ठंड पड़ेगी।


पहाड़ों पर बर्फबारी होने से गिरेगा पारा


हिमाचल और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में पारा और गिरेगा।मैदानी इलाकों में शीतलहर चलने से ठंड और बढ़ने की अंदेशा है।


राजधानी का लुढ़का पारा तो हो सकती है बारिश


गुरूवार को मौसम विभाग के अनुसार राजधानी लखनऊ का पारा लुढ़क कर रात आठ बजे नौ डिग्री तक जा सकता है।इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, झांसी, ललितपुर सहित कई इलाकों में बारिश की संभावना है।बारिश के कारण से ठंड में और बढोत्तरी का अनुमान है।रविवार को भी राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में बारिश हुई थी।इसकी वजह से तापमान में गिरावट आई थी।तेज बारिश के साथ कई जगह ओले गिरने से ठंड बढ़ी है।हालांकि बारिश होने की वजह से लोगों को प्रदूषण से राहत मिली है।


परेशानी बढ़ेगी किसानों की


अचानक बदले मौसम की वजह से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।साथ ही अगर आगे भी ऐसा ही मौसम रहा तो धान की कटाई के बाद गेहूं की बुआई में देरी हो सकती है। साथ ही सरसों, फूल गोभी, टमाटर जैसी फसलों को भी नुकसान पहुँचेगा।

Comments

Popular posts from this blog

देश दुनिया में मनायी जा रही ‘ग्यारहवीं शरीफ’ -बड़े पीर साहब के उर्स पर हो रही हैं घरों में फातेहा

 देश दुनिया में मनायी जा रही ‘ग्यारहवीं शरीफ’ -बड़े पीर साहब के उर्स पर हो रही हैं घरों में फातेहा सरफ़राज़ अहमद/मोहम्मद रिज़वान  वाराणसी।  गौसे आज़म हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां (बड़े पीर साहब) का उर्स-ए-पाक ‘ग्यारहवीं शरीफ’ के रूप में अदबो-एहतराम के साथ आज देश दुनिया में मनाया जा रहा है। फजर की नमाज़ के बाद से ही मदरसों, मस्जिदों व घरों में कुरानख्वानी, फातिहा व महफिल-ए-गौसुलवरा का आयोजन शुरु हो गया। सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी, नियाज-फातिहा का जो सिलसिला शुरू हुआ वो अब पूरे दिन ही नहीं बाल्कि पूरे महीना चलता रहेगा। इस दौरान जगह जगह गौस़े पाक का लंगर भी चलेगा।  गौसे पाक का वलियों में सबसे ऊंचा मर्तबा मौलाना अज़हरूल कादरी कहते हैं कि अल्लाह के वलियों में सबसे ऊंचा मरतबा हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी यानी गौस-ए-आज़म का है। हमारे औलिया-ए-किराम व मशायख जिस रास्ते से गुजरे उन रास्तों में तौहीद व सुन्नत-ए-नबी का नूर व खुशबू फैल गई। हिन्दुस्तान में ईमान व दीन-ए-इस्लाम बादशाहों के जरिए नहीं आया बल्कि हमारे इन्हीं बुजुर्गों, औलिया व सूफिया के जरिए आया। ऐसे लोग...

सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात

  सरकार गरीब नवाज़ के दर पर झुकती है कायनात मोहम्मद रिज़वान नई दिल्ली : अजमेर राजस्थान के अजमेर में चल रहे दुनिया के मशहूर सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह,( सरकार गरीब नवाज) के दर पर सारी कायनात झुकती है। ख्वाजा का उर्स इन दिनों अजमेर के साथ ही समूची दुनिया में मनाया जा रहा है। जो अजमेर नहीं जा सके हैं वो जहां हैं वहीं उर्स का आयोजन कर रहें हैं। राजस्थान ही नहीं उत्तर प्रदेश में भी ख्वाजा को लोग याद कर रहे हैं। आज ख्वाजा का कुल शरीफ़ अजमेर में 810 वें सालाना उर्स में मंगलवार को कुल की छठी का आयोजन किया । अकीदतमंद कुल को देखते हुए काल रात से ही दरगाह परिसर के बाहर की दीवारों को गुलाबजल, ईत्र और केवड़े से धोकर कुल के छीटें लगाने शुरू कर दिए कोरोना नियमों में सरकार की ओर से शीथिलता के बाद दरगाह परिसर चौबीस घंटे जायरीनों से आबाद है और उर्स की रौनक न केवल दरगाह क्षेत्र में बल्कि दरगाह के चारों तरफ फैली हुई है। आज रात को दरगाह दीवान और ख्वाजा साहब के सज्जादानशीन सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान की सदारत में दरगाह परिसर के महफिलखाने में उर्स की छठी व अंतिम शाही महफिल...

कहते हैं, इस दरवाजे से जो भी जाता है मिल जाती है जन्नत, 2 फरवरी के बाद मिलेगा ये मौका

 कहते हैं, इस दरवाजे से जो भी जाता है मिल जाती है जन्नत, 2 फरवरी के बाद मिलेगा ये मौका अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में एक ऐसा दरवाजा है जो साल में केवल चार बार ही खुलता है. ऐसा माना जाता है कि इस दरवाजे से होकर जाने और इबादत करने वालों को जन्नत नसीब होती है. वैसे तो ये दरवाजा वर्ष में केवल 4 बार खुलता है पर उर्स में ये 6 बार खुलता है. अजमेर में गरीब नवाज की दरगाह पर उर्स की शुरूआत चांद दिखाई देने पर 2 या 3 फरवरी से इसकी शुरूआत हो जाएगी. इसका समापन बड़े कुल की रस्म के साथ होगा. चांद रात को अल सुबह 4 बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। हालांकि ये जन्नती दरवाज वर्ष में केवल चार बार ईद उल फितर,बकरा ईद और हजरत उस्मान हारूनी के सालाना उर्स पर 1-1 दिन के लिए खोला जाता है. जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है। इसी परंपरा के अनुसार यह दरवाजा कुल की रस्म के बाद 6 रजब को बंद कर दिया जाता है. कहते हैं ख्वाजा गरीब नवाज इबादत के लिए इसी रास्ते को काम में लेते थे. ख्वाजा साहब को अल्लाह ने यह कहा कि जो लोग मक्का मदीना की जियारत नहीं कर पाने वालों के लिए य...