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वाराणसी 6 दिसंबर: बाबरी मस्जिद की शहादत पर मुस्लिम बहुमूल्य इलाको में करोबार बंद मना काला दिवस, जाने पूरा मामला

 वाराणसी 6 दिसंबर: बाबरी मस्जिद की शहादत पर मुस्लिम बहुमूल्य इलाको में करोबार बंद मना काला दिवस, जाने पूरा मामला







सरफराज अहमद



बाबरी मस्जिद की बरसी पर रविवार को मुस्लिम करोबार पूरी तरह बंद रहा। इससे करोड़ो के टर्न ओवर प्रभावित होने का अनुमान है। बता दे कि 1992 से लगातार बरसी मनाने का सिलसिला जारी है। इस बंदी से करोड़ो का टर्न ओवर प्रभावित होता है। 


वाराणसी: बाबरी मस्जिद की शहादत पर इतवार को शहर के मुस्लिमों ने अपना कारोबार बंद रखा। इस दौरान प्रमुख मुस्लिम बाजार दालमंडी नई सड़क, कपड़ा मार्किट, बेनिया, सरायहड़हा, भिखाशाह गली, नारियल बाजार, छत्तातले, घुघरानी गली, कच्ची सराय, चाहमामा, कोदई चौकी व चौक आदि इलाके की दुकानों के शटर भी नही उठें। इन इलाकों में लोग वर्ष 1992 से लगातार मस्जिद शहीद किये जाने के गम में अपना- अपना करोबार बंद रखते है। पहले इसके लिए आलमीन सोसायटी बंद की अपील करती थी शिवाला में अध्यक्ष परवेज कादिर खाँ की अगुवाई में धरना दिया जाता था। घरों और मस्जिदों में दुअख्वानी होती थी।हालॉकि अब इसके लिए न तो कोई अपील होती है और न ही कोई एलान बावजूद इसके स्वेच्छा से सभी अपने करोबार को बंद रखते है। 


लग जाती हैं बंद की तख्तिया 

प्रमुख मुस्लिम इलाको में बंदी की अपील वाली तख्तिया लगी हुई है। जिस पर लिखा है कि आज काला दिवस है दुकाने नहीं खुलेंगी। एक अनुमान के मुताबिक बंदी से तकरीबन 5 से 10 करोड़ से ज्यादा का टर्न ओवर प्रभावित होता है। 


अमन के लिए बंद हुआ धरना


कुछ वर्ष पूर्व तक आलमीन सोसायटी की ओर से शिवाला पर धरना प्रदर्शन किया जाता था और मगर बनारस बंद की अपील जाती थी, मगर कुछ वर्ष पूर्व अमनो-मिल्लत बनाये रखने के लिए यह आयोजन बंद हो गया, मगर बनारस के मुस्लिम अपना कारोबार बंद करके अपने गम का इजहार करते है बंदी के चलते हड़हा सराय का बिसातबाने का कारोबार बेनिया का प्लास्टिक, नई सड़क का कपड़ा व्यवसाय, दालमंडी का इलेक्ट्रनिक पार्ट्स रेडीमेट होजरी समेत तमाम करोबार बंद रहता है।


सुबह से ही दालमंडी की दुकानें बंद दिखी और पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद है।

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