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वाराणसी में डाक्टर के नाम से मशहूर कांग्रेस के पार्षद संजय सिंह का गुरुवार को निधन हो गया, कोरोना के बाद हुए चेस्ट इंफेक्शन ने ली जान

 वाराणसी में डाक्टर के नाम से मशहूर कांग्रेस के पार्षद संजय सिंह का गुरुवार को निधन हो गया, कोरोना के बाद हुए चेस्ट इंफेक्शन ने ली जान




सरफ़राज़ अहमद



वाराणसी में डाक्टर के नाम से मशहूर कांग्रेस के पार्षद संजय सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। संजय सिंह कोरोना के बाद चेस्ट इंफेक्शन से जूझ रहे थे। हालत गंभीर होने पर उनका इलाज गुरुग्राम के मेदान्ता अस्पताल में चल रहा था। 


संजय सिंह वाराणसी के सराय गोवर्धन वार्ड से लगातार तीन बार से पार्षद थे। दिसम्बर के दूसरे सप्ताह में वह कोरोना से संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उन्हें वाराणसी के भिखारीपुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बीच उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई। लेकिन चेस्ट इंफेक्शन के कारण डॉक्टरों ने अस्पताल में ही रखा।


मंगलवार को अचानक जब उनकी तबीयत बिगड़ी तो एयर एम्बुलेंस से गुरुग्राम अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह लगभग साढ़े 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही वाराणसी में कांग्रेस और नगर निगम के पार्षदों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।


संजय सिंह पूर्व विधायक अजय राय के बेहद करीबी थे। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संजय सिंह की मौत पर शोक प्रकट करते हुए पार्टी की अपूरणीय क्षति बताया। अजय राय और पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत अन्य लोगों ने भी उनके मौत पर शोक प्रकट किया।


नगर निगम में शोकसभा के बाद अवकाश।


कांग्रेस पार्षद संजय सिंह के निधन पर नगर निगम सभागार में पार्षदों और अधिकारियों ने शोक संवेदना प्रकट किया। इसके साथ ही नगर निगम में अवकाश हो गया। अपर नगर आयुक्त देवीदयाल ने कांग्रेसी पार्षद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। कांग्रेस पार्षद दल के नेता सीताराम केसरी ने कहा कि संजय लगातार तीन कार्यकाल से जनता की समस्या को उठाते रहे। भाजपा के उपसभापति नरसिंह बाबा ने उनके जुझारू प्रवृत्ति के बारे में बताया। सपा पार्षद हारुन अंसारी ने कांग्रेसी पार्षद के कार्यों के बारे में बताया। इस मौके पर सभी दलों के पार्षद, निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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