मोहम्मद रिजवान/नियाज खान
वाराणसी: हजरत रहीम शाह रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिन तक चलने वाला 94वां उर्स शुक्रवार को पूरी अकीदत के साथ शुरू हुआ। बेनियाबाग स्थित बाबा के आस्ताने पर फातिहा पढ़ने और मन्नतों की चादर चढ़ाने के लिए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। दूरदराज से आए तमाम श्रद्धालुओं ने बाबा के दर पर हाजिरी लगाई। देर शाम तक तकरीर और नात-ए-पाक का नजराना बाबा की शान में पेश किया जाता रहा।
शुक्रवार को हजरत रहीम शाह बाबा के उर्स का आगाज कुरानख्वानी से हुआ। जोहर की नमाज के बाद महफिल-ए-शमा का आयोजन किया गया। शाम को चादरपोशी और मगरिब की नमाज के बाद मीलाद शरीफ हुआ। मीलाद शरीफ में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल हुए। शाम को तकरीर और लंगर भी चला। सुबह से देर रात तक बाबा के दर पर फातिहा पढ़ने वालों की भीड़ लगी रही। आने वालों का शुक्रिया सज्जादानशीन मोहम्मद सैफ रहीमी ने किया।
दरगाह के आस पास लगा रहा मेला
दरगाह स्थल रोड के दोनों ओर स्टॉल्स सजाई गईं। मेले में बाहर से भी व्यापारियों ने स्टॉल्स लगाई हैं। अकीदतमंदों ने खरीदारी की। दरगाह को सजाया गया तथा आसपास भी सजावट की गई।
निकलेगा गागर-चादर होगी कव्वाली
सरपरस्त मोहम्मद शाहिद ने बताया कि 22 को फज्र के बाद कुरआन ख्वानी, जोहर के बाद महफिले समा, असर बाद चादर पोशी, मगरिब बाद मिलाद शरीफ, ईशा बाद तकरीर व लंगर, उसी तरह दूसरे दिन 23 को फज्र में कुरआन ख्वानी, बाद नमाज असर ग़ुस्ल मजार शरीफ, बाद नमाज मगरिब सरकारी चादर पोशी व मिलाद शरीफ, बाद नमाज ईशा लंगर व महफिले समा, फिर तीसरे दिन 24 को फज्र में कुरआन ख्वानी के बाद 10:30 बजे कुल शरीफ व बादहु रंग महफ़िल, लंगर फिर बाद नमाज ईशा महफिले समा देर रात को चलेगी उसके बाद दुआख्वानी के साथ कार्यक्रम समाप्त होगा।

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