सुप्रीम कोर्ट उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी स्थित प्राचीन स्मारकों के संरक्षण को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई को राजी हो गया है। उच्चतम न्यायालय ने याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है। आरोप है कि फतेहपुर सीकरी में प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए अधिकारी काम नहीं कर रहे । न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण,एएसआइ और अन्य को नोटिस जारी कर याचिका पर उनका जवाब मांगा है । साभार
देश दुनिया में मनायी जा रही ‘ग्यारहवीं शरीफ’ -बड़े पीर साहब के उर्स पर हो रही हैं घरों में फातेहा सरफ़राज़ अहमद/मोहम्मद रिज़वान वाराणसी। गौसे आज़म हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां (बड़े पीर साहब) का उर्स-ए-पाक ‘ग्यारहवीं शरीफ’ के रूप में अदबो-एहतराम के साथ आज देश दुनिया में मनाया जा रहा है। फजर की नमाज़ के बाद से ही मदरसों, मस्जिदों व घरों में कुरानख्वानी, फातिहा व महफिल-ए-गौसुलवरा का आयोजन शुरु हो गया। सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरआन ख्वानी, नियाज-फातिहा का जो सिलसिला शुरू हुआ वो अब पूरे दिन ही नहीं बाल्कि पूरे महीना चलता रहेगा। इस दौरान जगह जगह गौस़े पाक का लंगर भी चलेगा। गौसे पाक का वलियों में सबसे ऊंचा मर्तबा मौलाना अज़हरूल कादरी कहते हैं कि अल्लाह के वलियों में सबसे ऊंचा मरतबा हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी यानी गौस-ए-आज़म का है। हमारे औलिया-ए-किराम व मशायख जिस रास्ते से गुजरे उन रास्तों में तौहीद व सुन्नत-ए-नबी का नूर व खुशबू फैल गई। हिन्दुस्तान में ईमान व दीन-ए-इस्लाम बादशाहों के जरिए नहीं आया बल्कि हमारे इन्हीं बुजुर्गों, औलिया व सूफिया के जरिए आया। ऐसे लोग...

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