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सूफी हजरत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का (रह अ) का 809 वां छह दिवसीय सालाना उर्स बड़ी अकीदत के साथ शुरू

 सूफी हजरत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का (रह अ) का 809 वां छह दिवसीय सालाना उर्स बड़ी अकीदत के साथ शुरू  








राजस्थान/अजमेर- अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह अ) गरीब नवाज के 809वां छह दिवसीय सालाना उर्स चल रहा है। उर्स की रस्मों के मुताबिक रात को दरगाह दीवान जैनुल ओबेदीन की सदारत में महफिल हुई और कुल की रस्म शुरू हो जाएगी। इसी के साथ कुल की रस्म में भाग लेने के बाद जायरीन का अजमेर से लौटना शुरू हो जाएगा। यही वजह रही कि 18 फरवरी को अजमेर में जायरीन की भीड़ देखी गई। कायड़ स्थित विश्राम स्थली से लेकर ख्वाजा साहब की दरगाह तक  जायरीन से खचाखच भरी हुई थी। जायरीनों की भीड़ के बीच ही देश के वीआईपी व्यक्तियों की ओर से भेजी गई चादरें सूफी परंपरा के अनुरूप मजार शरीफ पर खरीजे अकीदत के साथ पेश की गई।* इसी क्रम में आरएसएस के राष्ट्रीय   पदाधिकारी एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ इमरान चौधरी, दिल्ली के संयोजक मोहम्मद हाफिज साबरीन एवं एम आर एम  के पदाधिकारियों के हाथों से  ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती(रहoअo-- गरीब नवाज) के 809 वे उर्स के मौके पर चादर पेश किया गया। राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ इमरान चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि इंद्रेश कुमार पिछले काफी वर्षों से मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह अजमेर में चादर पेश करते आ रहे हैं। इस बार भी इन्द्रेश‌ जी द्वारा भेजी गई चादर दरगाहे गरीब नवाज पर पेश करते हुए  मुल्क(भारत) की अमन शांति, तरक्क़ी, खुशहाली और अखंड व आत्मनिर्भर भारत के लिये मन्नत एवं दुआएं मांगी गई।दिल्ली के संयोजक मोहम्मद हाफिज साबरीन ने बताया कि  अजमेर चादर पेश करना किसी जाति धर्म का विषय ना होकर भारतीय तहजीब व कौमी एकता का प्रतीक है और यह सिलसिला सदियों से चल रहा है और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच भी मुल्क की कौमी एकता के लिये काम करता है। डॉ इमरान चौधरी ने दरगाह में चादर पेश करने के बाद पत्रकारों को बताया कि मेरे लिये यह सुकून व खुशी देने वाली इबादत जैसा काम है जिसे मैं हर साल गरीब नवाज के दरबार मे हाजरी लगा कर मन्नत मांग कर पूरा करता हूँ ।और मेरी हर इच्छा पूरी भी हो जाती है। इन्द्रेश जी की चादर जो डॉ इमरान चौधरी लेकर आए थे। उस चादर को खादिम शेख दौलत चिश्ती ने दरगाह ए चिश्तिया पर  पेश करने की रस्म निभाई। जबकि खादिम अशफान चिश्ती ने डॉ. चौधरी का दरगाह में इस्तकबाल किया।इस मौके पर राजस्थान के मंच संयोजक आबिद शैख़, दिल्ली के सह संयोजक इरफान मिर्ज़ा, अमीर खान, रिज़वान बारूद और सभी कार्येकर्ताओं ने मिलकर मुल्क की अमन शांति अखंड भारत और आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिये दुआएँ मांगी। वीआईपी व्यक्तियों की ओर से दरगाह ए चिश्तिया पर  चादर पेश करने का सिलसिला यूं ही चलता रहा इसी क्रम में सोनिया गांधी(कांग्रेस ) एवं  राजनाथ सिंह(भाजपा) जैसे वीआईपी व्यक्तियों  की ओर से भी भेजी गई चादरें ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह अ)की मजार पर पेश हुई। सोनिया गांधी की चादर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत स्वयं लेकर आए। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से भेजी गई चादर को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं अजमेर लेकर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री के लिए दरगाह में भीड़ के बीच विशेष सुरक्षा इंतजाम किए  जा रहे हैं। सैय्यद अब्दुल गनी गुर्देजी गांधी परिवार के खादिम हैं। 18 फरवरी को ही केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चादर भी मजार शरीफ पर पेश की गई। दरगाह कमेटी के सदस्य मुनव्वर खान ने राजनाथ सिंह की चादर को पेश किया। खादिम सैय्यद मुनव्वर चिश्ती नियाजी ने चादर पेश करने की रस्म निभाई। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने उर्स में आने वाले जायरीन को मुबारक बाद दी है।

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