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सोनिया गांधी, राजनाथ सिंह, इंदे्रश कुमार आदि की ओर से भेजी गई चादरें ख्वाजा साहब की मजार पर पेश हुई।

 सोनिया गांधी, राजनाथ सिंह, इंदे्रश कुमार आदि की ओर से भेजी गई चादरें ख्वाजा साहब की मजार पर पेश हुई। 







सोनिया गांधी की चादर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत स्वयं लेकर आए। 


अजमेर में उर्स के जायरीन की भीड़ 18 फरवरी को रात 12 बजे से ही जायरीन की रवानगी शुरू हो जाएगी। 




अजमेर में ख्वाजा साहब के छह दिवसीय सालाना उर्स का 18 फरवरी को अंतिम दिन रहा। उर्स की रस्मों के मुताबिक रात को दरगाह दीवान जैनुल ओबेदीन की सदारत में महफिल होगी और कुल की रस्म शुरू हो जाएगी। इसी के साथ कुल की रस्म में भाग लेने के बाद जायरीन का अजमेर से लौटना शुरू हो जाएगा। यही वजह रही कि 18 फरवरी को अजमेर में जायरीन की भीड़ देखी गई। कायड़ स्थित विश्राम स्थली से लेकर ख्वाजा साहब की दरगाह तक  जायरीन से खचाखच भरी हुई थी। जायरीन की भीड़ के बीच ही देश के वीआईपी व्यक्तियों की ओर से भेजी गई चादरें सूफी परंपरा के अनुरूप मजार शरीफ पर पेश की गई। कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से भेजी गई चादर को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा स्वयं अजमेर लेकर पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री के लिए दरगाह में भीड़ के बीच विशेष सुरक्षा इंतजाम किए  जा रहे हैं। सैय्यद अब्दुल गनी गुर्देजी गांधी परिवार के खादिम हैं। 18 फरवरी को ही केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की चादर भी मजार शरीफ पर पेश की गई। दरगाह कमेटी के सदस्य मुनव्वर खान ने राजनाथ सिंह की चादर को पेश किया। खादिम सैय्यद मुनव्वर चिश्ती नियाजी ने चादर पेश करने की रस्म निभाई। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने उर्स में आने वाले जायरीन को मुबारक बाद दी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की केन्द्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक इंद्रेश कुमार की ओर से भी चादर पेश की गई। इंद्रेश कुमार की चादर मंच के प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. इमरान चौधरी लाए। खादिम शेख दौलत चिश्ती ने चादर पेश करने की रस्म निभाई, जबकि खादिम अशफान चिश्ती ने डॉ. चौधरी का दरगाह में इस्तकबाल किया।

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