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इमाम हसन के दस्तरख्वान सजाये गए शहर भर में सजा इमाम ए हसन का दस्तरख़्वान, घरों में हुई नज़्र

 इमाम हसन के दस्तरख्वान सजाये गए शहर भर में सजा इमाम ए हसन का दस्तरख़्वान, घरों में हुई नज़्र



मोहम्मद रिज़वान


वाराणसी 5 फरवरी,हिजरी कलेण्डर के हिसाब से 22 जमा दी उस सानी (६ठा महीना), को घर घर में इमाम हसन के दस्तरख्वान सजाये गए । इमाम हसन जो कि मोहम्मद साहब के बड़े नवासे, हज़रत अली और जनाब ए फातिमा के बेटे थे, इनका दस्तरख्वान हमेशा सजा रहता था जहां कोई भी कभी भी आकर खाना खा सकता था । उसी से सीख कर इमाम हसन का दस्तरख्वान आज घर घर में सजाया जाता है, जिसमें फल मेवे और पकवान बना कर रखा जाता है । नज़्र का सिलसिला जनाब ए फातिमा की विलादत से शुरू हुआ है जो कि अभी दो दिनों तक और चलेगा । 

इसके साथ ही बी एच यू के पूर्व अरबी डिपार्टमेंट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट स्वर्गीय बदरूल हसन साहब की बरसी पर मजलिस का आयोजन किया गया । मजलिस का संयोजन जे एन यू के प्रोफेसर श्री ऐनुल हसन ने किया, मजलिस उनके आवास पर आयोजित हुई जिसे मौलाना अहमद अली आब्दी मुम्बई ने खिताब किया । अज़ीज़ हैदर, अतश बनारसी, रोशन बनारसी ने कलाम पेश किए मजलिस का आगाज़ हुआ हाजी फरमान हैदर की सोज़ख़्वानी से और मजलिस में अंजुमन अजादार ए हुसैनी अंजुमन सज्जादिया । मजलिस में बड़ी तादाद में शहर भर से लोगों ने शिरकत की ।

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