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योगी सरकार का फैसला: यूपी में रविवार को लॉकडाउन, मास्क नहीं पहनने पर ₹1000 जुर्माना

 योगी सरकार का फैसला: यूपी में रविवार को लॉकडाउन, मास्क नहीं पहनने पर ₹1000 जुर्माना




मोहम्मद रिजवान



यूपी में लगातार बढ़ रहे कोरोना केस को देखते हुए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के सभी जिले में रविवार को साप्ताहिक बंदी रहेगी और मास्क नहीं पहनने वालों से 1000 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी की जाए। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार, दफ्तर बंद रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस दिन सभी जिलों के बाजारों में व्यापक स्तर पर सेनेटाइजेशन अभियान चलेगा।


लखनऊ में सीएम ने कोविड नियंत्रण के लिए बनी टीम 11 के साथ वर्चुअल मीटिंग में कहा कि प्रदेश सरकार हर नागरिक के जीवन और जीविका की सुरक्षा के लिए संकल्पित है। कोविड के कारण लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। भरण-पोषण भत्ता के पात्र लोगों की सूची अपडेट कर ली जाए। सरकार जल्द ही इन्हें राहत राशि प्रदान करेगी। अंत्योदय सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशन वितरण कार्य की व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए। सरकार सभी जरूरतमंदों को राशन और भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। जिन क्षेत्रों में माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई है, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई अन्य चरण के चुनावों के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी। 


मास्क नहीं लगाने पर एक हजार का जुर्माना


उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी के लिए मास्क लगाना अनिवार्य है। पहली बार मास्क के बिना पकड़े जाने पर 1000 का जुर्माना लगाया जाए। अगर दूसरी बार बिना मास्क के पकड़ा जाए तो दस गुना अधिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए।  उन्हाेंने कहा कि कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी जैसे अधिक संक्रमण दर वाले सभी 10 जिलों में व्यवस्था और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए कोविड हॉस्पिटल बनाए जाएं। बेड्स बढ़ाये जाएं। निजी हॉस्पिटल को कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए। प्रयागराज में अविलंब यूनाइटेड मेडिकल कॉलेज को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में परिवर्तित किया जाए।108 की आधी एम्बुलेंस केवल कोविड मरीजों के उपयोगार्थ रखीं जाएं। इस कार्य में कतई देरी न हो। होम आइसोलेशन के मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम हो। ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी प्रकार की जरूरत होने पर तत्काल शासन को अवगत कराएं।

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