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क्या अब लॉकडाउन ही आखिरी विकल्प बचा है ?

 क्या अब लॉकडाउन ही आखिरी विकल्प बचा है ?




मोहम्मद रिजवान



वाराणसी। कोरोना का दूसरा स्ट्रेन कितना खतरनाक ये प्रतिदिन आने वाले आंकड़ों को देखकर लग रहा है। कोरोना वायरस ने अब तक के सभी रिकॉर्डों को ध्वस्त कर दिया है। कोरोना का कहर कितना विकराल हो चुका है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज आये आंकड़ों में संक्रमण का आंकड़ा दो लाख तक पहुंच गया। आज गुरुवार को कोरोना वायरस के एक दिन में लगभग दो लाख नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। वहीं मृत्यु दर में भी इजाफा देखने को मिला। कोरोना की दूसरी लहर लगातार नए-नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही है और एक डरावनी तस्वीर पेश कर रही है। कोविड-19 के प्रारंभ से लेकर एक दिन में मिलने वाले नए कोरोना संक्रमितों का सर्वाधिक आंकड़ा है। पहली लहर में कोरोना का यह विकराल रूप देखने को नहीं मिला था।अब तक के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर लगभग डेढ़ करोड़ हो गई है। 


छत्तीसगढ़ व उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मामले


आंकड़ों पर गौर किया जाए तो महामारी से मरने वालों की कुल संख्या लगभग दो लाख हो गई है। कोरोना से संक्रमित इलाज करा रहे लोगों की संख्या 14.66 लाख पार कर गई है। वैश्विक महामारी कोविड-19 से मृत्यु की दर 1.24 प्रतिशत है। पूरे देश में एक्टिव केसों की संख्या लगभग 15 लाख है जिसमे उत्तर प्रदेश में 1.20 लाख, छत्तीसगढ़ 1.31 लाख, कर्नाटका 0.84 लाख, केरला 0.60 लाख, तमिलनाडू 0.56 लाख, दिल्ली 0.55 लाख, मध्य प्रदेश 0.53लाख, राजस्थान 0.50 लाख, गुजरात 0.42 लाख, पश्चिम बंगाल 0.36 लाख, आंध्र प्रदेश 0.32 लाख, पंजाब 0.29 लाख, हरियाणा 0.28 लाख, बिहार 0.26 लाख लोग पीड़ित हैं। 


तेजी से बढ़ रहे आंकड़े


कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप का आलम यह है कि 1 अप्रैल को जहां एक्टिव मरीजों की संख्या 6 लाख 15 हजार 544 थी वो 15 अप्रैल की प्रातः बढ़कर 15 लाख 65 हजार पार कर गई। जो लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गई। इसी प्रकार कोविड से मरने वालों की संख्या 1 अप्रैल को 459 थी वो बढ़कर 1037 लगभग 44 प्रतिशत बढ़ गई है। जिस रफ्तार से कोरोना बढ़ रहा है, ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब लॉकडाउन ही आखिरी विकल्प बचा है ?

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