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वाराणसी : आंधी-तूफान, भारी वर्षा को लेकर मौसम विभाग ने किया अलर्ट, 28 और 29 मई को बरतें सावधानी, अफवाहों पर न दें ध्यान, सुरक्षित रहें.

 वाराणसी : आंधी-तूफान, भारी वर्षा को लेकर मौसम विभाग ने किया अलर्ट, 28 और 29 मई को बरतें सावधानी, अफवाहों पर न दें ध्यान, सुरक्षित रहें.


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मोहम्मद रिजवान



वाराणसी। मौसम विज्ञान केन्द, लखनऊ द्वारा जनपद वाराणसी में आगामी दिनांक 28 व 29 मई 2021 के मध्य गर्जन के साथ बिजली चमकने एवं तेज हवा चलने तथा अतिवृष्टि की सम्भावना व्यक्त की गयी है। उक्त के दृष्टिगत आम-जनमानस को अवगत कराना है कि आंधी तूफान/चकवात से पहले 

शांत रहें, घबराएं नही व अफवाहों पर ध्यान न दें। सम्पर्क क्षेत्र में बने रहने के लिए अपने मोबाइल फोन चार्ज रखें, मोबाइल एसएमएस का इस्तेमाल

करें। मौसम की अद्यतन जानकारी रखें। अपने जरूरी कागजात व कीमती सामान एक जलरोधक थैले में रखें। एक आपदा किट अवश्य तैयार रखें, जिसमें सुरक्षित रहने का आवश्यक सामान हो।    

      


 बच्चों हेतु पूर्व में ही दूध एवं दवा का प्रबंध कर लें।बुजुर्ग या घर में कोई बीमार हो तो उसकी दवा का प्रबंध पूर्व में ही कर लें। टार्च एवं सोलर लाइट घर में अवश्य रखें। यदि आपका घर असुरक्षित है, तो आंधी तूफान/चक्रवात से पूर्व किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अपने घरों, इमारतों को सुदृढ़ करें, जरूरी मरम्मत कराएं व नुकीलें सामान को खुला न छोड़ें। मवेशियों व पशुओं की सुरक्षा के लिए उन्हें सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। 

    .आंधी तूफान/चकवात के दौरान यदि आप घर के अन्दर हैं तो बिजली का मेन स्विच व गैस सप्लाई तुरंत बन्द कर दें। दरवाजे एवं खिड़की बन्द रखें।

उबला हुआ या क्लोरीनयुक्त पानी ही पिएं। सिर्फ आधिकारिक चेतावनी पर ही विश्वास करें एवं अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अफवाह फैलायें।

आंधी तूफान/चक्रवात के दौरान यदि आप बाहर हैं, तो क्षतिग्रस्त इमारत में न जाएं। बिजली के खम्भों, तारों व दूसरी नुकीली चीजों से बच कर रहें। जल्द से जल्द किसी सुरक्षित स्थान पर पहुँच कर आश्रय लें।

नाविक/मछुआरे खराब मौसम होने पर नदी में नाव को न ले जायें और न ही स्वयं नदी में जायें। नावों को सुरक्षित जगह पर बॉध कर रखें। वज्रपात से बचाव हेतु याद रखें, रबर सोल के जूते व टायर वज्रपात से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं, अतः वज्रपात से बचाव हेतु सुरक्षित स्थान पर रहना ही उचित है। बिजली गिरने व चमकने को खिड़की से न देखें। बादलों की गड़गड़ाहट का तेज व बार-बार होना बड़े खतरे की सूचना है। बादलों की गड़-गड़ाहट सुनायी देने पर या बिजली चमकती दिखायी देने पर तुरन्त सुरक्षित

स्थान पर आश्रय लें। वज्रपात के दौरान बिजली से चलने वाले मुख्य उपकरण जैसे फिज, कम्प्यूटर, टेलीविजन आदि को विद्युत आपूर्ति लाईन से निकाल दें व मोबाईल का उपयोग न करें। वज्रपात के स्थिति में नल से होकर आ रहे पानी का उपयोग न करें, पानी के नल में विद्युत प्रवाह हो सकता है। आपातकालीन सेवाओं का फोन नम्बर पास रखें।रेडियो से मौसम की जानकारी लेते रहें। बिजली चमकने की स्थिति में बाहर खुले में रहना सुरक्षित नहीं है। अतः तुरन्त सुरक्षित आश्रय में जायें। लम्बे पेड़, खम्बों या घातु की वस्तुओं से दूर रहें, यह वज्रपात को आकर्षित करते हैं। शरीर के बालों का खड़ा होना तथा त्वचा में झुरझुरी महसूस होना बताता है कि आपके आस-पास बिजली गिरने पली है। वज्रपात के कारण घायल हो गये व्यक्ति को छूना पूर्णतः सुरक्षित है, इससे झटका नहीं लगता। वज्रपात से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल ले जायें। कंक्रीट के फर्श पर न लेटे और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, बिजली गिरने के दौरान

इनमें करंट प्रवाह हो सकता है। अगर आप तालाब, नदी, नहर तथा खेत में सिंचाई कर रहे हों तत्काल वहाँ से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थान पर चलें जायें। बादलों में गड़गड़ाहट होने पर मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। चक्रवात एवं वज्रपात के सन्दर्भ में प्राप्त सही जानकारी को दूसरों तक पहुँचायें।

चक्रवात/वज्रपात से सम्बन्धित किसी नुकसान की सूचना, चक्रवात/वज्रपात से सम्बंधित

जानकारी  0542–2221937, 2221939, 2221941, 2221942, 2221944 टोल फ्री नंबर 1077 पर दे अथवा प्राप्त करे।

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