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हज यात्रा पर जाना चाहते हैं तो जान लें यह जरूरी शर्त, इस बार पूरी दुनिया से 60 हजार आजमीन हो सकेंगे शामिल

 हज यात्रा पर जाना चाहते हैं तो जान लें यह जरूरी शर्त, इस बार पूरी दुनिया से 60 हजार आजमीन हो सकेंगे शामिल








सरफ़राज़ अहमद


पिछले साल कोरोना महामारी के कारण हज यात्रा टाल दी गई थी। लेकिन इस साल हज यात्रा पर जाने के लिए अकीदतमंदों को कड़े नियमों से गुजरना होगा। मुकद्दस हज के सफर की हलचल तेज हो गई है। इस साल का हज कोरोना महामारी की वजह से बेहद सख्त नियमों व कम संख्या के बीच होगा। 


यह जानकारी देते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि सऊदी हुकूमत ने हज जायरीन की कुल तादात तय कर दी है। 45,000 दुनिया के अलग-अलग मुल्कों से और 15,000 सऊदी में रहने वाले बाशिंदे हज का अरकान अदा कर सकेंगे।


एक हफ़्ते बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि 45,000 में से हिंदुस्तान से कितने हज के इच्छुक जायरीन को यह मौका नसीब हो पाता है। ग़ौरतलब है कि हज के फॉर्म भरते समय 18 से 65 की उम्र हज कमेटी ऑफ इंडिया की तरफ़ से दी गई थी लेकिन अभी सऊदी हुकूमत की तरफ़ से 18 से 60 की उम्र तय कर दी गई है। इससे 60 से 65 साल के बीच के लोगों को इस साल भी मायूस होना पड़ेगा।


डॉ. जावेद ने बताया कि सबसे महत्वपूर्ण मामला स्वास्थ्य को लेकर है, जिसमें टीके की दोनों खुराकों को लेना हर हाल में अनिवार्य किया गया है। यात्रा के 14 दिन पहले टीके की दूसरी ख़ुराक लगी होनी चाहिए और यात्रा के छह महीने पहले किसी भी बीमारी में अस्पताल में भर्ती ना होने का प्रमाणपत्र भी देना होगा।


सऊदी पहुंचने पर शुरू के तीन दिन हर एक हज जायरीन को क्वारंटीन रहना होगा। इस बार की पूरी हज यात्रा 30 दिन की रखने की संभावना जताई जा रही है


बता दें कि हर साल हज यात्रा में भारत समेत पूरी दुनिया से 20 लाख लोग जाते हैं। मान्यता है कि जीवन में एक बार हज यात्रा करनी चाहिए। पिछले साल सऊदी अरब ने एक बड़ा फैसला लिया था जिसमें कोरोना के खतरे को देखते हुए केवल कुछ ही हज यात्रियों को अनुमति दी गई थी। 


इस साल हज यात्रा में भारतीय हज यात्रियों को भी मौका मिलने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश के हज यात्रियों में उम्मीद जगी है। इस साल हज यात्रा 17 जुलाई से शुरू होने जा रही है। 

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