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वाराणसी : ट्रेड की दुकानों को खोलने के लिए व्यापारियों ने की समय निर्धिरित करने की मांग, CM.को लिखा पत्र

 वाराणसी : ट्रेड की दुकानों को खोलने के लिए व्यापारियों ने की समय निर्धिरित करने की मांग, CM.को लिखा पत्र




मोहम्मद रिज़वान


वाराणसी। शिवपुर उघोग व्यापार मंडल ने लॉकडाउन के चलते पिछले 30 दिनों से बंद पड़ी ट्रेड की दुकानों को खोलने के लिए समय निर्धारित करने की मांग की है। इसके लिए शिवपुर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों  ने मुख्यमंत्री योगी और डीएम वाराणसी को पत्र भेजकर दुकानों को खोलने की अनुमति देने के लिए अनुरोध किया है। 


व्यापारियों की हुई वर्च्अल बैठक में अध्यक्ष मधुर जायसवाल ने कहा कि वाराणसी सहित प्रदेश भर में कोविड के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने लॉकडाउन लगाया हुआ है, जिसके चलते पिछले करीब 30 दिनों से वाराणसी में विभिन्न ट्रेडों की दुकानें बंद है। हालांकि व्यापारियों ने हर बार सरकार को पूर्ण सहयोग किया है। वर्ष 2020 में लगाए गए लॉकडाउन में व्यापारियों ने पूरा सहयोग किया था, जिसके चलते लॉकडाउन पूरी तरह से कामयाब भी रहा और कोरोना की चेन तोड़ने में कारगर सिद्ध हुआ। मध्यमवर्ग व्यापारियों को खर्च उठाना मुश्किल हो गया है।


इस बार लॉकडाउन के चलते वाराणसी में कपड़े, स्टेशनरी, शू मर्चेंट्स, ऑप्टीकल, आयरन,  स्वर्णकार, मोबाइल, सैलून, बर्तन सहित अन्य ट्रेड की दुकानें सरकार के दिशा निर्देशानुसार बंद है। सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं जैसे बैंक, डाकघर, सरकारी कार्यालय, बस सेवाएं इत्यादि पूर्ण रूप से संचालित है और इन कार्यालयों में जनता का आना-जाना ज्यादा होता है। लेकिन उक्त बंद पड़ी दुकानों के मालिकों को अपने स्वजनों का खर्च, कर्मचारियों के वेतन इत्यादि के साथ साथ जीएसटी बिजली व पानी बिल, बैंक किस्तें देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। 


अध्यक्ष मधुर जायसवाल ने कहा कि एक व्यापारी के नाते लॉकडाउन इतना नुकसानदायक है कि इसकी भरपाई करना उसके लिए बड़ा मुश्किल है। वहीं आम नागरिक के नाते वर्तमान में कोरोना चेन को तोड़ने में लॉकडाउन सबसे प्रभावशाली कदम है। लॉकडाउन अगर कुछ और दिन बढ़ा तो छोटे व्यापारियों की दुकानों के शटर शायद अब कभी न खुल पाएं। 


महामंत्री रमेश केसरी ने कहा कि बेकाबू होते कोरोना पर काबू पाने के लिए लॉकडाउन और पाबंदियों ने कारोबार को फिर बेपटरी कर दिया है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है। शहर में कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सरकार ने लॉकडाउन को अब 31 मई तक बढ़ा दिया है। 


कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि छोटे व्यापारियों के लिए लॉकडाउन नुकसानदायक है। छोटे व्यापारियों पर सरकार को विशेष ध्यान देना होगा। लॉकडाउन के कारण छोटे व्यापारियों के लिए घर का खर्च, बच्चों की स्कूल फीस चुकाना मुश्किल हो गया है। पिछले साल के लॉकडाउन के नुकसान की भरपाई अभी तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में इस बार के लॉकडाउन ने चिंताएं बढ़ा दीं हैं।

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