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वाराणसी में बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुसीबत, तालाब में तब्दील हुई सड़कें, घरों और दुकानों में घुसा पानी, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया आरेंज अलर्ट, 3 दिन भारी वर्षा के संकेत

 वाराणसी में बारिश ने बढ़ाई लोगों की मुसीबत, तालाब में तब्दील हुई सड़कें, घरों और दुकानों में घुसा पानी, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया आरेंज अलर्ट, 3 दिन भारी वर्षा के संकेत




सरफराज अहमद



वाराणसी। लगभग 50 साल बाद तय समय से 15 दिन पहले मानसून ने पूर्वांचल में डेरा डाल दिया है। झमाझम वर्षा का क्रम आज सुबह फिर शुरू हुआ तो शहर से देहात तक कई इलाकों में पानी भर गया। अनवरत वर्षा से नई सड़क , गोदौलिया, रामपुरा, अंधरापुल समेत कई इलाकों में घुटने तक पानी जमा था। जलजमाव के चलते सड़कों पर आवागमन भी बेहद कम रहा। मौसम में बदलाव के साथ उमस गर्मी फुर्र हो गई तो तापमान गिरने के साथ मौसम भी काफी सुहावना हो चला था। शहर में कई जगह नालों के जाम होने व सड़क धंसने की सूचना भी मिलती रही।


इधर मौसम विभाग ने कुछ जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया है। बताया गया कि अगले तीन दिन रुक रुक कर कहीं सामान्य तो कहीं भारी वर्षा होगी। कल व परसों की तेज लगन में इस वर्षा के चलते खलल भी पड़ सकता है। अनुमान है कि कई जिलों में हवा के तेज झोंकों संग भारी बरसात भी हो सकती है। इन जिलों में बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, अयोध्या, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बनारस, बलिया, गाजीपुर, मऊ, देवरिया, आजमगढ़, गोरखपुर, जालौन, ललितपुर, झांसी, हमीरपुर, बांदा, कानपुर नगर, कानपुर देहात शामिल हैं।


इसी बीच कुछ जिलों में 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, हापुड़, अलीगढ़, बुलंदशहर, अमरोहा, बागपत और संभल में भी भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों में 87 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इन सभी जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।


1971 में हुई थी ऐसी वर्षा


मौसम के जानकारों की मानें तो बीते 50 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब यूपी में मानसून 15 दिन पहले पहुंच गया। इसके पूर्व 1971 में ऐसा हुआ था। मौसम विभाग के मुताबिक पहले दो दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश की पूरी संभावना है। जैसे-जैसे मौसम का उतार-चढ़ाव होगा वैसे वैसे बारिश में आगे भी इजाफा होता जाएगा।


धान को फायदा तो आम को नुकसान


समय से पूर्व मानसून सक्रिय होने से कुछ फायदे तो कुछ नुकसान भी होगा। कृषि से जुड़े जानकारों की मानें तो इस बार के मानसून से जहां चंदौली गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर समेत तमाम जिलों में धान की खेती करने वाले किसानों को बड़ा फायदा होगा तो वहीं पश्चिमी यूपी व पूर्वान्चल में आम की फसल और फूल की खेती को नुकसान की संभावना भी बढ़ गई है।


जल जमाव हुआ तो पानी से खराब हो गए करोड़ों के माल


वाराणसी। भोर से शुरू हुई भारी बरसात के चलते आज दालमंडी, नई सड़क समेत कई इलाकों में तमाम दुकानों में काफी पानी घुस आया। दोपहर बाद बरसात थोड़ा थमने के बाद जब दुकानदार अपनी दुकानों की स्थिति जानने पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर हक्का-बक्का रह गए। सर्वाधिक नुकसान कपड़ा की दुकानों में हुआ। अन्य सामानों की दुकान में भी व्यापक क्षति बताई गई। दुकानों में रखा सामान भींग कर खराब हो गए थे। कई लोग शटर खोलकर अपना सामान अन्यत्र ले जाने की जुगत में लग गए तो कई दुकानदार वहां से पानी निकालने का उपाय ढूंढने लगे। कोरोना काल में दुकान बंद रखने से हुआ घाटा के बाद इस दोहरी मार से व्यापारियों में मायूसी फैल गई। अचानक पानी के घुसने से तमाम दुकानदारों का करोड़ों रुपये के माल का नुकसान होने का अनुमान है।

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