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बकरीदः वाराणसी में लगातार दूसरे साल नहीं होगी ऊंटों की कुर्बानी, मोहल्ले की मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील

 बकरीदः वाराणसी में लगातार दूसरे साल नहीं होगी ऊंटों की कुर्बानी, मोहल्ले की मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील





वाराणसी में धर्मगुरुओं ने कोरोना संक्रमण के कारण बकरीद की नमाज मोहल्ले की मस्जिदों में ही अदा करने की अपील की गई है। वहीं लगातार दूसरे साल बकरीद ऊंटों की कुर्बानी नहीं की जाएगी।






कुर्बानी के पर्व ईद उल अजहा यानी बकरीद की तैयारियां मुस्लिम मोहल्लों में जोर-शोर से चल रही हैं। वाराणसी में वीकेंड लॉकडाउन के कारण शनिवार और रविवार को बाजार बंद होने से सोमवार को ज्यादा भीड़ होने की उम्मीद है। वहीं धर्मगुरुओं ने कोरोना संक्रमण के कारण बकरीद की नमाज मोहल्ले की मस्जिदों में ही अदा करने की अपील की गई है। वहीं लगातार दूसरे साल बकरीद ऊंटों की कुर्बानी नहीं की जाएगी।





21 जुलाई को मनाई जाने वाली बकरीद में अब दो दिन ही शेष बचे हैं। ऐसे में सोमवार और मंगलवार को बाजार में सबसे अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। रविवार को लॉकडाउन के बावजूद कई जगह बकरा मंडी सजाई गई थी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद इसको बंद कराया गया।



शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि बकरीद को देखते हुए सभी से अपील है कि वह कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। खुली जगह पर कुर्बानी करने की बजाय बंद जगह पर करें।



उन्होंने बताया, साफ-सफाई का भी ख्याल रखें। मस्जिदों में भीड़-भाड़ न करें और अपने मोहल्ले की मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें।

उन्होंने जिला प्रशासन और नगर निगम से भी आग्रह किया है कि बकरीद के दौरान मुस्लिम मोहल्लों में साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम कराए जाएं। वहीं जलालीपुरा, धन्नीपुरा, मदनपुरा क्षेत्र में होने वाली ऊंट की कुर्बानी नहीं की जाएगी।

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