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दुनिया के लिए इंसानियत का पैगाम लेकर आता है मोहर्रम अर्दली बाज़ार में हुई मजलिस

 दुनिया के लिए इंसानियत का पैगाम लेकर आता है मोहर्रम अर्दली बाज़ार में हुई मजलिस





वाराणसी मोहर्रम का महीना तमाम आलम के लिए इंसानियत का पैगाम लेकर आता है। यह कौम और मुल्क के लिए तरक्की का पैगाम ही नहीं देता बल्कि सच्चाई पर मिट मरने वालों को हौसला भी देता है।


उक्त बातें मजलिस को खिताब करते हुए सैयद नबील हैदर ने कही। उन्होंने कहा कि नवासे रसूल ने हक की राह में ऐसी कुर्बानी पेश की जो आज तक इंसानियत व मोहब्बत का पैगाम देती है। मोहर्रम का गम हमें ठहर कर सोचने की ताकत देता है कि कहीं किसी मौके पर हमसे सच्चाई का दामन झूठ तो नहीं गया। मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही इमाम हुसैन का गम नई ताकत के साथ छा जाता है यही गम हमारे दिलों पर सच्चाई और इश्क की लौ लगाता है। नबील ने कहा कहा की मुहर्रम पर सजाई जाने वाली मीनारों पर जाने वाले लोगों का यह फर्ज़ बनता है कि वह मजहबी नफरतों को शिकस्त देकर गमे हुसैन में बहने वाले आंसुओं के मरहम से इंसानियत के ज़ख्मों को इलाज करे। बाद मजलिस औने मोहम्मद का ताबूत व अलम निकला नौहा व मातम शन्ने जौनपुरी ने किया।

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