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ख्वाजा गरीब नवाज 810वां उर्स, झंडे की रस्म के साथ हुई शुरूआत

 ख्वाजा गरीब नवाज 810वां उर्स, झंडे की रस्म के साथ हुई शुरूआत





अजमेर विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज के बुलंद दरवाजे पर भीलवाड़ा से आए गोरी परिवार की ओर से झंडा चढ़ाया गया. इस झंडे की रस्म के साथ ही ख्वाजा गरीब नवाज की 810 वें सालाना उर्स की शुरूआत हो गई. कोविड-19 महामारी के बीच गाजे-बाजे और पुलिस बैंड की मौजूदगी में गोरी परिवार के साथ ही दरगाह के अन्य पदाधिकारी दरगाह गेस्ट हाउस से झंडा लेकर बुलंद दरवाजे पर पहुंचे.


इस दौरान झंडे को चुनने के लिए हजारों की संख्या में अकीदत मन मौजूद रहे, जिन्होंने इस झंडे के दीदार के लिए घंटो तक इंतजार किया.



हजारों जायरीन की मौजूदगी में शानो शौकत से ख्वाजा गरीब नवाज की सालाना उर्स की शुरुआत हुई. इस मौके पर इक्कीस तोपों की सलामी भी दी गई. झंडा चंडी के साथ ही गौरी परिवार और दरगाह की अन्य पदाधिकारी ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पहुंचे, जहां विशेष दुआ की गई और देश-विदेश में अमन-चैन भाईचारे के साथ ही देश विदेश में चल रही कोविड-19 महामारी के खात्मे की दुआ मांगी.


वह इस मौके पर दरगाह कमेटी के सदर अमीन पठान ने ज़ी मीडिया से खास बातचीत में कहा कि कोविड-19 महामारी की तमाम गाइडलाइन के बीच उर्स मेला आयोजित किया जा रहा है. इसे लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं. साथ ही उन्होंने इस उर्स मेले को लेकर जिला पुलिस प्रशासन का भी आभार जताया है, जिससे कि मेला शांतिपूर्ण संपन्न हो. वहीं, उन्होंने कहा कि हर वर्ष दरगाह की मजार शरीफ पर चादर और अकीदत के फूल पेश होते हैं, लेकिन इस बार महामारी के चलते ऐसी व्यवस्था अब तक शुरू नहीं की गई है. ऐसे में जो भी चादर होगी वह सीधी ही भेंट की जाएगी और उर्स मेले में तमाम रस्मे आयोजित की जाएगी. इस मौके पर एडीएम सिटी राजेंद्र अग्रवाल अजमेर एसपी विकास शर्मा एडिशनल एसपी विकास सागवान के साथ ही कई पुलिस अधिकारी व प्रशासनिक अमला मौजूद रहा.

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